मातृभाषा दिवस पर लोक रंगों में रंगा रवांल्टा सम्मेलन, ‘मातृशक्ति का सम्मान, हम सबका सम्मान’ थीम पर समारोह

हरिद्वार। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर हरिद्वार में रवांई अंचल के लोगों का पारंपरिक ‘रवांल्टा सम्मेलन’ लोक संस्कृति और आत्मीयता के रंगों में रंगा हुआ। ‘मातृशक्ति का सम्मान, हम सबका सम्मान’ थीम पर आधारित इस समागम ने माँ गंगा के तट पर अपनी माटी, बोली और परंपराओं को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ। गणेश पूजन, कलश स्थापना, दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चारण के बाद मातृशक्ति के हाथों से दीप प्रज्वलित किया गया, जिसने पूरे आयोजन को लोक गरिमा प्रदान की। मंगल तिलक, पुष्पमाला, कलावा बंधन और पिठांईं की परंपरा के साथ पहले सभी मातृशक्तियों का फिर उपस्थित हर व्यक्ति का स्वागत किया गया।

WhatsApp Image 2026 02 23 at 12.51.05 PM

जैसे ही लोकगीतों की मधुर स्वर लहरियां गूंजीं, पूरा वातावरण पहाड़ी लोक रंग में डूब गया। रवांई अंचल के पारंपरिक गीत, लोकधुनें और थिरकते कदमों ने उपस्थित जनों को अपनी जड़ों से गहराई से जोड़ दिया। लोककला पर आधारित विशेष सेल्फी प्वाइंट भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा, जहां लोगों ने उत्साह से स्मृति-चित्र संजोए।

WhatsApp Image 2026 02 23 at 12.50.03 PM

सम्मेलन में हरिद्वार जनपद के विभिन्न विभागों, संस्थानों और संगठनों में कार्यरत रवांई अंचल के लोग शामिल हुए। अपनी माटी से दूर रहते हुए भी अपनी बोली-भाषा, गीत-संगीत, नृत्य और परंपराओं को जीवित रखने का यह सामूहिक प्रयास भावनात्मक रूप से सभी को छू गया। सहभोज के दौरान आपसी अपनत्व और आत्मीयता की झलक साफ नजर आई।

कार्यक्रम के सूत्रधार शिक्षक दिनेश रावत ने बताया, “वर्ष 2023 से शुरू यह पहल अब एक सतत अभियान बन चुकी है। हमारा उद्देश्य समाज को मातृभाषा, मातृभूमि और मातृसंस्कृति से जोड़े रखना है। यह महज एक समागम नहीं, बल्कि अपनी महान परंपराओं का उत्सव और भावी पीढ़ी को सांस्कृतिक रूप से मजबूत करने का प्रयास है।

WhatsApp Image 2026 02 23 at 12.50.02 PM

सम्मेलन में प्रमुख रूप से दिनेश रावत, अमित गौड़, सहदेव रावत, संतोष सेमवाल, बृजमोहन रावत, अभिजीत सिंह राणा, राजेश बिष्ट, उदय सेमवाल, हरवीर चौहान, देव नौडियाल, जयदेव असवाल, कपिल देव रावत, मनीष पंवार, प्रवीण राणा, प्रियंका गौड़, रजनी रावत, अंजना सेमवाल सहित दर्जनों रवांल्टे उपस्थित रहे।

मां गंगा के पावन तट पर लोकास्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ संपन्न यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि अपनी लोक अस्मिता, माटी और मातृशक्ति के प्रति गहरी श्रद्धा व सम्मान का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा। रवांई अंचल के लोग इसे हर साल बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि यह उन्हें अपनी जड़ों से फिर से जोड़ने का अवसर देता है।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

राहुल गांधी ने उत्तराखंड के ‘मोहम्मद दीपक’ से की मुलाकात, एकता और साहस की मिसाल बताकर सराहा

Tue Feb 24 , 2026
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ से आज दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने दीपक को गले लगाया और उनके साहस की जमकर तारीफ की। उन्होंने दीपक को ‘मोहब्बत की दुकान’ का […]

You May Like

Chief Editor

Ravi Priyanshu

Share
error: Content is protected !!