सचिवालय संघ चुनाव में महासचिव पद पर विमल जोशी की एंट्री से बढ़ा मुकाबला, कर्मचारियों के मुद्दों को बनाया चुनावी हथियार

  • उत्तराखंड सचिवालय में चुनावी सरगर्मी तेज, विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत

देहरादून । उत्तराखंड सचिवालय इन दिनों प्रशासनिक गतिविधियों से ज्यादा चुनावी चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। सचिवालय संघ चुनाव को लेकर पूरे सचिवालय परिसर में माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आ रहा है। गलियारों में प्रचार-पत्र, बैठकों, रणनीतियों और गुटबाजी की चर्चाएं जोरों पर हैं। कर्मचारी संगठन के विभिन्न पदों पर कब्जा जमाने के लिए प्रत्याशी लगातार कर्मचारियों के बीच पहुंच रहे हैं और समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।

इस बार सचिवालय संघ चुनाव में अध्यक्ष, महासचिव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महिला उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, प्रचार सचिव और संप्रेक्षक समेत कई अहम पदों पर मुकाबला देखने को मिल रहा है। चुनाव प्रचार अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है और 15 मई को मतदान के बाद उसी दिन शाम साढ़े चार बजे से मतगणना भी शुरू होगी।

इस चुनाव में महासचिव पद के दावेदार विमल जोशी भी कर्मचारियों के बीच तेजी से सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाया है। विमल जोशी का कहना है कि सचिवालय कर्मचारियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मजबूत प्रतिनिधित्व की जरूरत है। उनका कहना है कि वर्षों से कर्मचारी प्रमोशन, कार्यस्थल की समस्याओं, संसाधनों की कमी और सेवा से जुड़े कई मुद्दों से जूझ रहे हैं, लेकिन इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर नहीं हो पाया।

प्रमोशन, बेहतर कार्य वातावरण और पारदर्शी व्यवस्था होगी प्राथमिकता – विमल जोशी 

महासचिव पद के प्रत्याशी विमल जोशी ने कहा कि सचिवालय केवल प्रशासनिक व्यवस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हजारों कर्मचारियों की मेहनत और जिम्मेदारियों का आधार भी है। ऐसे में कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से उठाना और उनका समाधान करवाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन, बेहतर कार्य वातावरण, बैठने की उचित व्यवस्था, आधुनिक संसाधन और पारदर्शी कार्यप्रणाली मिलनी चाहिए।

विमल जोशी ने कहा कि वह लंबे समय से कर्मचारियों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते आए हैं। कई कर्मचारी आज भी मूलभूत सुविधाओं और कार्यस्थल की दिक्कतों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महासचिव चुने जाने पर उनकी प्राथमिकता कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से शासन स्तर तक पहुंचाने की होगी। उन्होंने कहा कि सचिवालय कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों में संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे। कर्मचारियों की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और इसी ताकत के आधार पर कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती मिलेगी। विमल जोशी ने भरोसा जताया कि कर्मचारी इस बार ऐसे प्रतिनिधि को चुनेंगे, जो केवल चुनाव के समय नहीं बल्कि हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा दिखाई दे।

फिलहाल सचिवालय का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में डूबा हुआ है। छोटे-छोटे समूहों में चुनावी चर्चाएं जारी हैं और हर प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंकता दिखाई दे रहा है। अब सभी की निगाहें 15 मई को होने वाले मतदान और चुनाव परिणाम पर टिकी हुई हैं।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, दोषियों पर कार्रवाई की मांग, गणेश गोदियाल ने धर्मेंद्र प्रधान को लिखा पत्र

Fri May 15 , 2026
देहरादून। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को युवाओं के भविष्य पर बड़ा हमला बताते हुए केंद्र सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र भेजकर नीट […]

You May Like

Chief Editor

Ravi Priyanshu

Share
error: Content is protected !!