राज्य स्तरीय “न्याय संहिता प्रदर्शनी” के दूसरे दिन विद्यार्थियों और आमजन की उत्साहपूर्ण सहभागिता

हरिद्वार : 7 से 11 मार्च 2026 तक आयोजित राज्य स्तरीय न्याय संहिता प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज जनपद हरिद्वार में कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए न्याय संहिता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। इस अवसर पर सीबीआई शाखा देहरादून के डीआईजी मनीष वी सुर्ति के नेतृत्व में 12 सदस्यीय दल द्वारा भी प्रदर्शनी का भ्रमण किया गया तथा विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से न्याय संहिता के प्रावधानों एवं उनके क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई।

उन्होंने प्रदर्शनी के दौरान न्याय के सभी स्तंभों (पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक और कारागार) द्वारा लगाए गए तकनीकी स्टालों में आधुनिक न्याय प्रणाली से संबंधित जानकारी को विस्तार से देखा और इसकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से नागरिकों, अधिवक्ताओं, विद्यार्थियों तथा अन्य हितधारकों को न्याय संहिता की संरचना, प्रक्रिया एवं उनके व्यावहारिक प्रभावों को समझने में सहायता मिलती है।

प्रदर्शनी में हरिद्वार जनपद के लगभग 24 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इनमें प्रमुख रूप से— राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्सर, प्राथमिक विद्यालय अनमोल भारत, महाराणा प्रताप प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय अटल भारत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस विद्यालय अलीपुर, पीएम श्री विद्यालय खानपुर, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेड़ी कला, बालिका छात्रावास राठी माजरा (प्रथम एवं द्वितीय), बालिका छात्रावास अकबरपुर (प्रथम एवं द्वितीय), बालिका छात्रावास गोवर्धनपुर, चंद्रपुरी कला, कृपाल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कृपाल नगर, आनंदमयी सेवा सदन, ऑक्सफोर्ड स्कूल आदि विद्यालय सम्मिलित रहे।

इन विद्यालयों के लगभग 2000 विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा “न्याय संहिता” से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त आम जनता द्वारा भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया, जिससे कार्यक्रम में व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली। इस प्रकार प्रदर्शनी में कुल लगभग 3000 लोगों की सहभागिता रही।

प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों एवं आगंतुकों को भारतीय न्याय संहिता,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी सरल एवं रोचक माध्यमों से दी गई। इसके साथ ही साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता, उनसे बचाव के उपाय तथा बच्चों से संबंधित अपराधों के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को न्याय संहिताओं के प्रावधानों से अवगत कराना, कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में विधिक समझ को मजबूत करना है। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई और विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।

आज प्रदर्शनी के दौरान आयोजित लाइव नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। न्याय संहिता की प्रमुख विशेषताओं को कहानियों और दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने से आमजन अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक और आश्वस्त नजर आए।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी आगंतुकों ने उत्तराखंड पुलिस की इस पहल एवं प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।”

उत्तराखंड पुलिस की जनता से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में इस प्रदर्शनी में सम्मिलित होकर “न्याय संहिता” की जानकारी प्राप्त कर लाभ उठायें

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