स्वामी विवेकानंद ई-लाइब्रेरी योजना के माध्यम से मिलेगी ई बुक की सुविधा, एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध होंगी विभिन्न राष्ट्रिय अन्तराष्ट्रीय स्तर के प्रकाशकों की उत्कृष्ट पुस्तकें

  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एआई बेस्ड मेटा सर्च एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग की होगी सुविधा

देहरादून : उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद ई-लाइब्रेरी योजना के तहत इ बुक उपलब्ध करने के सन्दर्भ में दो दिवसीय बैठक (24–25 फरवरी 2026) आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा किया गया।

बैठक के प्रथम दिवस में राज्य के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से विज्ञान एवं तकनीकी वर्ग के 25 विषयों के लिए 85 विषय विशेषज्ञ शामिल हुए वही द्वितीय दिवस में कला, मानविकी और वाणिज्य वर्ग के 21 विषयों के 70 विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया । एवं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मानक पुस्तकों पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्रों हेतु पुष्तकों की अनुशंषा की गयी। विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि चयनित पुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बहुविषयक, कौशल आधारित और शोध उन्मुख दृष्टिकोण के अनुरूप हों, ताकि राज्य के विद्यार्थियों को आधुनिक और उपयोगी अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।

उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा, “स्वामी विवेकानंद ई-लाइब्रेरी योजना राज्य में डिजिटल शिक्षा संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों का चयन विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को श्रेष्ठ बनाने में सहायक सिद्ध होगा।” समापन अवसर पर डॉ. सिन्हा ने सभी विशेषज्ञों और कन्वेनरों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल राज्य की उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण एवं डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगी।

कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक एवं नोडल एनईपी पीएमयू प्रो. दीपक कुमार पांडेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. वी.एन. खाली, उप सचिव अजीत कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक प्रो.ए.एस. उनियाल, प्रो आशीष कुमार पुष्तकालयध्यक्ष, दून विश्विद्यालय, डॉ के पी सक्सेना उप पुष्तकालयाध्ययक्ष पंतनगर विश्विद्यालय, सहायक निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार, नोडल एनईपी-पीएमयू डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह सहित समस्त विश्विद्यालयों के विभागाध्ययक्ष एवं महाविद्यालयों से सम्बंधित विषयो के विषय विशेषज्ञ एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

“उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को ई -बुक की सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार के सकारात्मक संकल्प का उदहारण है जो कि भविष्य में शिक्षा के पारिस्थितकी तंत्र और शोध की गुणवत्ता में सुधार के दिशा क्रन्तिकारी कदम होगा।”- डॉ धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

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