सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं – डीएम मयूर दीक्षित

  • सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
  • 10 से अधिक शिकायत वाले विभागों को शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान करने के दिए निर्देश

हरिद्वार : जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की महत्वपूर्ण जन शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से आम जनता सीधे अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचाती है। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इस पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक शिकायत का निस्तारण गंभीरता के साथ किया जाए और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान प्रदान किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों के पास 10 से अधिक शिकायते निष्कीठारंग हेतु लंबित है वह शिकायतों का 03 के भीतर शिकायतों का निस्तारण करना निश्चित करे। उन्होंने विशेषकर पुलिस विभाग, नगर निगम, यूपीसीएल, भू अभिलेख, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उत्तराखंड पेयजल निगम, राजस्व विभाग, आयुर्वेदिक, नगर पालिका एवं नगर पंचायत, जल संस्थान, सिंचाई आदि विभागों को लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभागवार शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की मॉनिटरिंग करें और लंबित शिकायतों की स्थिति की जानकारी रखें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के रूप में न करें, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत देने का प्रयास करें।

बैठक के दौरान यूपीसीएल विभाग से संबंधित शिकायतों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर कॉलिंग कर शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कई बार शिकायतकर्ता को सही जानकारी नहीं मिल पाने के कारण भी शिकायतें लंबित रहती हैं। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतकर्ता को उसकी समस्या से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए और समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराया जाए।

बैठक में नगर निगम और जनपद के सभी नगर निकायों को भी निर्देशित किया गया कि वे सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों में सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी शिकायत को बिना उचित समाधान के बंद न किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि जनता की समस्याओं का समाधान पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाए, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतें प्रशासन के लिए फीडबैक का कार्य करती हैं, जिससे प्रशासन को जनता की वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है।

बैठक के अंत में 36 दिन से लंबित शिकायतो कि समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि  L1 पर 429 तथा L2 पर 103 शिकायतें अभी भी निस्तारण हेतु लंबित है, जिन्हें तत्परता से निष्जिठारन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि 15 दिन के भीतर दर्ज शिकायतों का हर हाल में निस्तारण करना सुनिश्चित करे।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी रुड़की अनिल कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, सहायक परियोजना निर्देशक नलिनीत घिल्डियाल, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी, ईओ नगर पालिका, नगर पंचायत , सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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