“एडवांसिंग सस्टेनेबल इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इंपैक्ट” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

देहरादून : स्पेक्स, स्पीकिंग क्यूब और अवलोकन संस्था के तत्वावधान में 30 व 31 मार्च 2026 को “एडवांसिंग सस्टेनेबल इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इंपैक्ट” विषय आयोजित हो रही राष्ट्रीय संगोष्ठी का देहरादून के एक होटल परिसर में शुभारंभ हुआ । इस सम्मेलन में देशभर से प्रख्यात शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, प्राचार्यों एवं विचारकों ने सहभागिता की और सतत विकास एवं सामुदायिक परिवर्तन में नवाचार की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिक-जी डॉ. वी. के. वार्ष्णेय ने नॉन टिम्बर फारेस्ट में रसायन विज्ञान के उपयोग विषय पर प्रभावशाली मुख्य भाषण दिया। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार रसायन विज्ञान वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन, संरक्षण तथा उनके सतत उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैज्ञानिक उपयोग से ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ किया जा सकता है, पर्यावरण-अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा मिल सकता है तथा जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. दीपिका चमोली शाही के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए सतत विकास, नवाचार एवं सामुदायिक प्रभाव पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मानव मस्तिष्क की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नवाचार की शुरुआत सोच से होती है। एक जागरूक, रचनात्मक एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी मानसिकता ही स्थायी और सार्थक परिवर्तन की आधारशिला है। उन्होंने यह भी कहा कि सतत विकास केवल तकनीकी उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नैतिकता, जागरूकता तथा समाज एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को समाधान-उन्मुख एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सम्मेलन में डॉ. अनिल जग्गी द्वारा इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इम्पैक्ट विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सतत विकास हेतु तकनीकी नवाचारों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सम्मेलन कार्यवाही का विमोचन रहा। इस अवसर पर विभिन्न विशिष्ट शोधकर्ताओं को एक्सलेन्स इन रिसर्च अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिनमें प्रो. विजय कुमार, प्राचार्य, धनौरी पीजी कॉलेज, हरिद्वार, डॉ. विनोद भट्ट, चेयरमैन एवं संस्थापक, इंजी. सुधीर जुगरान, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, प्रेमनगर, देहरादून, प्रो. (डॉ.) प्रियंका कौशिक, उप-निदेशक, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग, विश्वविद्यालय, जयपुर, डॉ. सुरमधुर पंत, डीन अकादमिक, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून, डॉ. पारुल सिंघल, एसोसिएट प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान विभाग, माया देवी विश्वविद्यालय, डॉ. अंजलि खरे सोनवानी, हेड एकेडमिक सर्विसेज /, BFIT ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, देहरादून, अजय कुमार वर्मा, एसोसिएट डीन, सेंटर ऑफ बिजनेस इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, राहुल महला, लॉ कॉलेज, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून, विनोद कुमार, रजिस्ट्रार, HRIT विश्वविद्यालय, गाजियाबाद, डॉ. रचना राठौर, स्वतंत्र शोधकर्ता, गणित विभाग, ग्वालियर, डॉ. नरोटम शर्मा, प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख, CRIS – DNA लैब्स, देहरादून, प्रो. (डॉ.) सौरभ प्रताप सिंह राठौर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, विक्रांत विश्वविद्यालय, ग्वालियर, डॉ. प्रताप चंद्र पाधी, निदेशक एवं प्रमुख, सिपेट, देहरादून, डॉ. लोकेश गंभीर, रजिस्ट्रार एवं एसोसिएट प्रोफेसर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, डॉ. पी. एस. चौहान, सहायक प्रोफेसर, वीएसकेसी राजकीय पीजी कॉलेज, डाकपत्थर, पंकज फुलारा, सहायक तकनीकी अधिकारी, सिपेट, देहरादून।

सम्मेलन में डॉ. जी. के. धींगरा, डीन रिसर्च, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सततता के लिए बहु-विषयक शोध दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सतत नवाचार को आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक समावेशन के संतुलन के रूप में परिभाषित किया तथा सामुदायिक प्रभाव को मापनीय सामाजिक परिवर्तन से जोड़ा।

अपने संबोधन में डॉ. बृज मोहन शर्मा ने कहा कि यदि नवाचार प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए किया जाए, तो वह स्वाभाविक रूप से समाज एवं समुदाय के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होता है। इस सम्मेलन में हरी राज सिंह, बलेंदु जोशी, आर. के. मुखर्जी सहित अनेक प्राचार्यों, प्राध्यापकों एवं शिक्षाविदों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम का समापन डॉ. बृज मोहन शर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। यह सम्मेलन ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ, जो सतत विकास एवं सामुदायिक प्रभाव की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कोटद्वार में ‘हिमालयन इंडस्ट्री एंड बिज़नेस एक्सपो’ का भव्य शुभारंभ, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया उद्घाटन

Mon Mar 30 , 2026
कोटद्वार : जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “हिमालयन इंडस्ट्री एंड बिज़नेस एक्सपो” के अंतर्गत कोटद्वार स्थित महाराजा वेडिंग प्वाइंट में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार की विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मुख्य […]

You May Like

Breaking News

Chief Editor

Ravi Priyanshu

Share
error: Content is protected !!