UKD महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी, लगाए महिला विरोधी होने के आरोप

देहरादून : उत्तराखण्ड क्रांति दल (उक्रांद) में आंतरिक मतभेद सामने आए हैं। पार्टी की केंद्रीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ मेजर संतोष भंडारी (सेनी) ने केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती को पत्र भेजकर अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र देने की घोषणा की है।

19 सितंबर 2026 को लिखे पत्र में भंडारी ने पार्टी के भीतर महिलाओं की भूमिका, संगठनात्मक अनुशासन और वरिष्ठ पदाधिकारियों की कार्यशैली को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि उन्होंने उक्रांद की सदस्यता इस विश्वास के साथ ली थी कि पार्टी उत्तराखण्ड की महिलाओं और जन मुद्दों की लड़ाई ईमानदारी से लड़ रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्हें संगठन के भीतर मतभेद, साजिश और अनुशासन की कमी महसूस हुई।

 

 

महिलाओं को सम्मान और जिम्मेदारी न मिलने का आरोप

भंडारी ने पत्र में आरोप लगाया कि पार्टी में महिलाओं को अपेक्षित सम्मान और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नहीं दी जातीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन उनके अनुसार पार्टी में महिलाओं को नेतृत्व की पर्याप्त भूमिका नहीं मिल पाई है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतने लंबे समय में पार्टी में किसी महिला नेत्री को मंच और संगठन में पर्याप्त स्थान क्यों नहीं मिला।

 

वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी लगाए आरोप

पत्र में भंडारी ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज बिष्ट, जयप्रकाश उपाध्याय और कुंदन बिष्ट समेत कुछ पदाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में उनके खिलाफ माहौल बनाया गया और ईमानदारी से काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जाता है।

भंडारी ने केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंदन बिष्ट पर टिकट बेचने से संबंधित बातचीत करने का आरोप भी लगाया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि इस संबंध में उन्होंने स्वयं उनसे बातचीत की थी।

 

अमित तोमर और सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र

पत्र में भंडारी ने अमित तोमर नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर उक्रांद और उसके वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने का उल्लेख किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके अनुसार पार्टी के आधिकारिक पेजों पर भी इस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व में उनके घर को लेकर कथित साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई थी।

अंकिता भंडारी की बरसी के कार्यक्रम का उल्लेख

भंडारी ने 18 सितंबर 2026 को अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर चिल्ला बैराज में आयोजित कार्यक्रम का भी पत्र में उल्लेख किया है। उनका कहना है कि पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने इसे महिलाओं और उत्तराखण्ड की बेटियों की सुरक्षा तथा आत्मसम्मान के प्रति पार्टी की गंभीरता से जोड़कर सवाल उठाया है।

 

कहा—आत्मसम्मान से समझौता नहीं करूंगी

अपने पत्र में भंडारी ने लिखा है कि वह भारत सरकार में 35 वर्ष तक क्लास-वन वन अधिकारी के रूप में सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुई हैं और अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश की जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति में आई हैं और आगे भी सेवा करती रहेंगी।

अंत में मेजर संतोष भंडारी ने स्पष्ट रूप से लिखा कि वह अपने पद और उत्तराखण्ड क्रांति दल की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रही हैं।

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